Chapla Devi Biography In Hindi or English

इस पोस्ट में हम Chapla Devi Biography in Hindi और English के बारे में बात करेंगे। हम आपको बहुत गहराई से चपला देवी जीवन परिचय के बारे में बताएंगे। अगर आप सभी कक्षाओं के 9वीं, 10वीं हिंदी के पेपर में चपला देवी जीवन परिचय लिखना चाहते हैं तो आप यह जीवन परिचय लिख सकते हैं। आपको बता दें कि चपला देवी के जीवन परिचय के बारे में इतना ही लिखा गया है, यहां तक कि किताबों में भी इतना लिखा गया है।

Chapla Devi Biography in Hindi

जीवन परिचयचपला देवी जी द्विवेदी युग की हिंदी गद्य की लेखिका हैं लेकिन चपला देवी जी के व्यक्तित्व तथा कृतित्व के बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई । स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान पुरुष – लेखकों के साथ – साथ अनेक महिलाओं ने भी अपने – अपने लेखन से आज़ादी के आंदोलन को गति दी । उनमें से एक लेखिका चपला देवी भी रही हैं । कई बार अनेक रचनाकार इतिहास में दर्ज होने से रह जाते हैं , चपला देवी भी उन्हीं में से एक हैं ।

यह एक ऐतिहासिक सच्चाई है कि सन् 1857 की क्रांति के विद्रोही नेता धुंधूपंत नाना साहब की पुत्री बालिका मैना आजादी की नन्हीं सिपाही थी , जिसे अंग्रेज़ों ने जलाकर मार डाला । बालिका मैना के बलिदान की कहानी को चपला दवी ने इस गद्य रचना में प्रस्तुत किया है । चपला देवी जी के बारे में इंटरनेट और किताबों में जो भी जानकारी थी हमने आपको वो सब जानकारी बता दी है।

Chapla Devi ki Bhasha Shaili

भाषा – शैली : चपला देवी की भाषा शैली की बात करें तो यह गद्य रचना (रिपोर्ताज का प्रारंभिक रूप) शैली में लिखी गई है, इसलिए हम चपला देवी की भाषा शैली को रिपोर्ताज कह सकते हैं । 

Chapla Devi Kis Yug Ki Lekhika Thi

चपला देवी के युग के बात करें तो चपला देवी हिंदी गद्य के द्विवेदी युग की लेखिका थीं।

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Chapla Devi Biography in English

Jivan ParichayChapla Devi is a writer of Hindi prose of Dwivedi Yug, but information about the personality and work of Chapla Devi ji was not available.  During the freedom movement, many women, along with men and writers, also gave momentum to the freedom movement through their writings.  One of them has also been a writer, Chapla Devi.  Many times, many creators are left out of history, Chapala Devi is also one of them.  It is a historical fact that the girl child Maina, the daughter of rebellious leader of the 1857 revolution, Dhupantant Nana Saheb, was a little soldier of freedom, who was burnt to death by the British.  The story of the sacrifice of the girl child Maina is presented in this prose by Chapla Davy.  Whatever information was there in internet and books about Chapala Devi Ji, we have told you all that information.

Chapla Devi ki Bhasha Shaili

Bhasha Shaili: Talking about the language style of Chapala Devi, it is written in prose composition (the initial form of Reportage) style, so we can call the language style of Chapala Devi as Reportage.

Chapla Devi Kis Yug Ki Lekhika Thi

Talking about the Chapla Devi Yug, Chapla Devi was the author of Dwivedi Yug of Hindi prose.

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